स्टे आर्डर के बावजूद दूसरी के जमीन पर कब्जा करने और धमकी देने का आरोप

9 मार्च 2001 को फागू चौहान आदि ने सरकारी गनरों के बल पर किए थे कब्जा

दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद दूसरे के खेत पर कब्जा करने, गाली गलौज देने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में अदालत ने पूर्व राज्यपाल फागू चौहान के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है।इस मामले में पीड़ित शिवपूजन चौहान निवासी बलरामपुर थाना कोतवाली ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। जिसके अनुसार परिवादी शिवपूजन चौहान की शहर कोतवाली क्षेत्र के हाफिजपुर में स्थित जमीन के बगल में ही फागू चौहान का कोल्ड स्टोरेज था। शिवपूजन चौहान की जमीन को फागू चौहान और शिवकुमार चौहान कब्जा करना चाहते थे। तब शिवपूजन ने पहले मंडलायुक्त कोर्ट से बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया था। स्टे ऑर्डर के बावजूद 9 मार्च 2001 को फागू चौहान और शिवकुमार चौहान ने सरकारी गनर और अन्य लोगों के साथ मिलकर शिवपूजन के खेत में से गन्ने की फसल कटवा लिया और शिवपूजन के एतराज करने पर उसे गाली गलौज देते हुए जान से मारने की धमकी दिए। इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद सीजेएम कोर्ट ने 23 जुलाई 2001 को फागू चौहान और शिवकुमार चौहान को विचारण के लिए तलब कर लिया था। इस तलबी आर्डर के विरुद्ध फागू चौहान और शिवकुमार चौहान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया। सालों तक पत्रावली स्टे ऑर्डर में चलती रही। जब पत्रावली अति प्राचीन हो गई, तब प्राचीन होने के कारण एक्शन प्लान के तहत इस मुकदमे में जारी स्टे ऑर्डर खत्म हो गया। इस बीच आरोपी शिवकुमार चौहान की मौत हो गई। अदालत ने 16 जुलाई 2024 को फागू चौहान के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अगली तिथि 27 अगस्त नियत है।
बता दें शहर कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी फागू चौहान मेघालय और बिहार प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री समेत तमाम पदों पर रह चुके हैं।

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