मंडलायुक्त की छापेमारी के बाद डीआईजी ने बलिया में कार्रवाई से चौंका दिया था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पेंच कसते ही लय में आ चुके हैं मंडल और जिले के अधिकारी
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
सोमवार को महिलाएं भगवान शंकर को खुश रखने के लिए पूजा पाठ और ब्रत में लींन रहीं। जबकि पति सहित अन्य घर वाले व्यवस्था में लगे रहे। वहीं मंडलायुक्त मनीष चौहान ने मंडलीय/ जिला अस्पताल में छापेमारी कर दिया। अचानक साहब के पहुंचने पर अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त मनीष चौहान रजिस्ट्रेशन काउण्टर, नेत्र विभाग, फिजीशियन कक्ष, हृदय रोग कक्ष, अल्ट्रासाउण्ड, ईएनटी वार्ड, जनरल सर्जन, ट्रामा सेन्टर आदि के विधिवत् निरीक्षण के साथ ही स्टाफ के उपस्थिति रजिस्टर को भी चेक किया। चिकित्साधिकारियों के उपस्थिति रजिस्टर में कुल 6 चिकित्सक डा. एससी कन्नौजिया, डा. संजय गोंड़, डा. चन्द्रहास कुमार, डा. पूनम कुमारी, डा. काशिफ असरार एवं डा. राघवेन्द्र सिंह अनुपस्थित मिले। पैरा मेडिकल की उपस्थिति पंजिका की जॉंच में भी कुल 4 कर्मचारी अनुपस्थित थे, जिसमें आरएन गिरि, राकेश कुमार, उमेश चौरसिया, ऋचा सिंह शामिल हैं। इसी प्रकार ब्लड बैंक सेन्टर में 6 कर्मचारी डॉली पाण्डेय, शंकर दूबे, पुष्पा पाण्डेय, चन्दन उपाध्याय, रीना, सुमन एवं धर्मराज अनुपस्थित थे। मण्डलायुक्त ने ई-हास्पीटल एवं जीएसएस पैरा मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति का भी निरीक्षण किया, जिसमें ई-हास्पीटल में 3 कर्मचारी अजय प्रकाश सिंह, वीर नारायन सिंह एवं बृजेश चौहान अनुपस्थित थे। जबकि जीएसएस पैरा मेडिकल में 2 कर्मचारी हीरालाल व पंकज कुमार राजभर तथा वाहन चालकों में एक वाहन चालक एस यादव अनुपस्थित थे। मण्डलायुक्त मनीष चौहान ने बड़ी संख्या में स्टाफ की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त कर प्रस्तुत करने का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आमोद कुमार को निर्देश दिया। उन्होंने सीएमएस द्वारा उपस्थिति पंजिका को नियमित रूप से चेक नहीं किए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त किया। निर्देश दिया कि नियमित रूप से उपस्थिति पंजिका को चेक किया जाय तथा समय से स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाय। मण्डलायुक्त ने कहा कि यदि डाक्टर्स की शिफ्टवाइज ड्यूटी का चार्ट तैयार किया गया है तो उसे प्रदर्शित होना चाहिए, ताकि आमजन को भी उसकी जानकारी हो सके। इसके साथ ही उपस्थिति पंजिका में भी डाक्टर्स की ड्यूटी का विवरण अंकित कराया जाय। उन्होंने ईएनटी वार्ड, ट्रामा सेन्टर आदि वार्डों में भर्ती मरीजों से भी दवाओं और भोजन की उपलब्धता के सम्बन्ध में स्वयं पूछताछ की, जिसमें किसी भी मरीज द्वारा सुविधाओं के अभाव की शिकायत नहीं की गयी।
बता दें कि मंडलायुक्त मंडल का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व जिले में डीएम के पद पर काम कर चुके हैं। भलिभांति परिचित भी हैं। सीएम की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ब्यवस्थाओं को गतिशील करने का निर्देश दिया गया था। मंडलायुक्त बीते कुछ दिन पहले आरटीओ दफ्तर में सघन छापेमारी और कार्रवाई किए थे। इसके बाद डीआईजी वैभव कृष्ण द्वारा बलिया जिले के बार्डर वाले थाने के तमाम पुलिसवालों को वसूली करते हुए रंगेहाथ फकड़कर सभी को चौका दिया था। यह मामले अभी भी चल रहा है। पुलिस सघन जांच कर तह तक जाने के प्रयास में जुटी हुई है। इसी बीच सोमवार को जिला अस्पताल में छापेमारी करके मंडलायुक्त ने कार्रवाई किया। साथ ही मंडल में चर्चाओं का बाजार गरम कर दिया।

