उप शिक्षा निदेशक / प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जाफरपुर ने जांच के लिए भेजा था पत्र
मुख्य अग्नि शमन अधिकारी की जांच में उजागर हुआ यह बड़ा फर्जीवाड़ा, रसूख के चलते दबा था मामला
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
नियमों को मुंह चिढ़ाते हुए जिले के तमाम रसूखदारों के आलीशान महाविद्यालय चल रहे हैं। शिक्षा के मंदिर में ही जब इस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया है, तो अन्य संस्थानों की दशा का भी अनुमान लगाया जा सकता है।
स्कूल, अस्पताल सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर आग लगने की तमाम बड़ी घटनाएं हुई है। ऐसे हादसों पर रोक लगाने के लिए अग्निशमन दल विभाग के मानक के तहत व्यवस्था बनाए रखने का प्रावधान है। फायर विभाग की तरफ से जारी होने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र का विशेष महत्व होता है। बावजूद इसके जिले में सोलह महा विद्यालयों द्वारा फर्जी तरीके से अग्निशमन दल विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र बनवाकर मान्यता आदि में लगाया गया है। इस संबंध में उप शिक्षा निदेशक आजमगढ़ की तरफ से 11 जुलाई को जांच के लिए पत्र भेजा गया था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक कुमार शर्मा की तरफ से 27 जुलाई को इन स्कूलों के खिलाफ उप शिक्षा निदेशक को अपनी रिपोर्ट भेज दिए हैं। इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा।
फर्जीवाड़ा की सूची में हैं शामिलः
श्री बद्री प्रसाद महाविद्यालय आरिफपुर मंडनपुर, मुन्नी देवी महिला महाविद्यालय गोपालपुर सरदहा, श्रीमती शकुंतला देवी दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव महाविद्यालय चक लतिफ माहुल, शिवशंकर सिंह महाविद्यालय कनेल्ला करनहत तहसील सदर, श्री नन्हू यादव शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान भगवानपुर मेंहनगर, माता लीलावती चंद्रा देवी मोहित पहलवान महाविद्यालय खजुरा मेंहनगर, यशोदा कॉलेज आफ एजुकेशन भगवानपुर मेंहनगर, शेखर सोशल महिला महाविद्यालय एंड एजुकेशन फाउंडेशन सम्मोपुर सिधारी, मां मूराती शिक्षण प्रशिक्षण बलरामपुर सदर, प्रियंका महाविद्यालय नारफेरा बुढ़नपुर, गौतम बुद्ध पंचशील महाविद्यालय भेदौरा बूढ़नपुर, गौतम बुद्ध पंचशील महाविद्यालय भेदौरा बूढ़नपुर, सरस्वती महिला महाविद्यालय गजेंद्र पट्टी बूढ़नपुर, संजय शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान उदियावां लालगंज, पंडित त्रिपुरारी मिश्रा आर्दश महाविद्यालय रोहुवा मुस्तफाबाद समेत कुल 16 विद्यालय शामिल हैं।

