दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
सावन माह के पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ पहुंचे। कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा किए। पार्टी पदाधिकारियों से बातचीतकर कानून व्यवस्था का हाल जाना।
सीएम ने सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से जिले के विकास योजनाओं के बारे में जाना। इस दौरान कई जनप्रतिनिधियों ने जिले और प्रदेश की तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी की शिकायत किए। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। समीक्षा बैठक में जिले के मेंहनगर क्षेत्र में स्थित पशु आश्रय स्थल में कई गोवंशो की मौत के मामले को भी सीएम ने गंभीरता से लेते हुए डीएम से जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने को कहा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर से अधिकारियों द्वारा उनकी बात अनसुनी करने की बात दोहराई तो सीएम ने डीएम विशाल भारद्वाज को सख्त निर्देश दिए। सीएम ने विकास कार्यों की सप्ताहवार समीक्षा करने को कहा। साथ ही सभी की रिपोर्ट भेजने को कहा। समीक्षा बैठक में सीएम ने मंडल के बलिया एवं मऊ जिले के अधिकारियों की आनलाइन क्लास ली और सभी को सख्त हिदायत देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान नगर विकास मंत्री एके शर्मा, मंत्री दारा सिंह चौहान, मंत्री दानिश अंसारी, एमएलसी विजय बहादुर पाठक, पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ, एमएलसी रामसूरत राजभर, पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह, उपस्थित रहे। जबकि सूची में नाम नहीं होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों ने पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीलम सोनकर को बैठक से बैरंग वापस लौटा दिया। जद्दोजहद के बाद पूर्व सांसद को बैठक में जाने की अनुमति मिली। इस बात की तेजी से चर्चा हो रही है।

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