दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (राजस्व) से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
जिसमें डीएम ने मंडी सचिव को निर्देश दिया कि मंडी के आय में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन की कार्रवाई कर आय में वृद्धि की जाए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिया कि मंडी द्वारा किए जा रहे एनफोर्समेंट के कार्यों में तहसीलदार को लगाया जाए। उन्होंने मंडी सचिव को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पोर्टल पर ए प्लस को मेंटेन रखें।
डीएम ने सभी अधिशासी अधिकारियों को गृह, वाटर टैक्स की वसूली सुनिश्चित करते हुए निकायों के राजस्व वृद्धि करने को कहा। उन्होंने कहा कि निकायों में आने वाले आवेदनों का समय से निस्तारण करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बड़े बकायादारों को जिन्होंने तीन वर्षों से अधिक समय हो गया है, कामर्शियल कनेक्शन का बिल भुगतान नहीं किया है, उनको नीलामी की नोटिस जारी करें।
डीएम ने लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए एनफोर्समेंट की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ई खसरा में किसी भी दशा में 45 दिन से अधिक कोई भी आवेदन लंबित न रहे। आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र को निर्धारित समय के अंदर जारी करें। डीएम ने आबकारी विभाग, बाट माप विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पूर्ति विभाग, गन्ना विभाग, जल जीवन मिशन ग्रामीण, डूडा आदि विभागों की समीक्षा कर ग्रेडिंग एवं रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई के आवेदनों का डिस्पोजल संबंधित अधिकारी स्वयं देखें तथा उसका निस्तारण समय से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर शिकायतकर्ता का एवं संबंधित पक्ष का अभिमत लेकर समाधान करें। डीएम ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आरसीसीएमएस पोर्टल पर धारा 24 एवं धारा 34 के आवेदनों का समय से निस्तारण सुनिश्चित करें। किसी भी फाइल में अनावश्यक आपत्ति ना लगाए। यदि लगाएं तो आपत्ति राजस्व परिषद के नियमों के अनुसार होनी चाहिए। जिस महीने में सुनवाई पूरी हो जाए, उसी महीने में प्रत्येक दशा में आदेश पारित कर दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से जांच करें तथा यदि कोई बार-बार शिकायत करता है, तो अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर शिकायतकर्ता एवं दूसरे पक्ष को बुलाकर दोनों पक्षों का बयान दर्ज करें। ऐसे गांव को चिन्हित कर ले, जहां से सबसे अधिक शिकायतें आई हो, वहां पर उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार स्वयं जाकर शिकायतकर्ता वादी, प्रतिवादी एवं निष्पक्ष लोगों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करें। डीएम ने आरटीके, अंश निर्धारण स्वामित्व, ई परवाना, अमल दरामद, विद्युत, वसूली की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी विनय कुमार गुप्ता, सभी उप जिलाधिकारी तथा विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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