
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी वीरेंद्र मौर्या ने बताया कि खेलते समय हमारा बेटख राजबहादुर उम्र 6 वर्ष के दाहिने हाथ की केहूनी टूट गई थी। जिसका इलाज कराने के लिए हम अपने बेटे को लेकर जय गुरुदेव अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लापरवाही से इलाज किया गया और लड़के का हाथ खराब हो गया। जिसका काफी इलाज कराए जाने के बावजूद हाथ ठीक नहीं हुआ तो हमने अस्पताल के मालिक और डॉक्टर के विरुद्ध एक मुकदमा न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट न 26 आजमगढ़ में दाखिल किया। इसके आदेश 4 अगस्त 2023 के तहत मुल्जिमान के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज की गई। अदालत में हर्जाने का मुकदमा डॉक्टर और अस्पताल के मालिक के खिलाफ दायर किया गया है। पीड़ित द्वारा कानूनी कार्यवाही कराए जाने से नाराज होकर उन लोगों द्वारा मुकदमा उठाने की धमकी दी जाने लगी और अस्पताल के मालिक द्वारा स्थानीय थाने पर हम पीड़ित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। झूठा और फर्जी मुकदमे में दबाव बनाने की गरज से हमें मुलजिम बनाया गया है। जबकि हम पूरी तरह से निर्दोष हैं। जबकि बाद में हमें मालूम हुआ कि अस्पताल बिना लाइसेंस के चल रहा है और डॉक्टर के पास वैध डिग्री नहीं है। जिसके बाबत मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई तो अस्पताल को तीन बार सीज कर दिया गया, लेकिन अस्पताल का मालिक और डॉक्टर काफी प्रभावशाली हैं और अपने प्रभाव से अस्पताल पुनः खोलकर चलवा रहे हैं। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग किया कि इस मामले की जांच कराई जाए ताकि बेगुनाही साबित हो सके और उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए। वहां से उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।
