

दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
नेशनल हाइवे नंबर 233 पर स्थित गंभीरपुर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर बाजार के पास से निजामाबाद तहसील क्षेत्र के फरिहां बाजार को जाने वाले प्रमुख मार्ग पर गुरुवार को पुलिस वालों ने बैरिकेडिंग करवा दिया। अब इस मार्ग से केवल छोटे वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। यह सबकुछ इसलिए करवा गया, ताकि वाहन अब टोल टैक्स देने के बाद ही वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर की तरफ से आ और जा सकेंगे। अन्यथा वाहन चालक टोल टैक्स देने से बचने के लिए इस रास्ते का उपयोग कर रहे थे। वाहन न आने से टोल टैक्स वालों को काफी घाटा हो रहा था।
गंभीरपुर थाने के मोहम्मदपुर तिराहा से वाहन चालक नेशनल हाईवे को छोड़कर फरिहां, कप्तानगंज, निजामाबाद, सरायमीर, फूलपुर, कप्तानगंज, तहबरपुर और मंदूरी हवाई अड्डा जाते थे। लेकिन गुरुवार को मार्ग पर स्थाई बैरिकेडिंग लगा दिया गया। अब बगैर टोल टैक्स दिए वाहन नहीं आ और आ सकेंगे। प्रशासन के इस कार्य से क्षेत्र में आनेजाने वाले वाहनों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में आने वाले स्कूल बसों को भी अब मजबूरी में हाईवे से होकर गुजरना पड़ेगा। यहां पर प्रशासन लोहे के एंगल से बैरिकेडिंग करवा दिया है, लेकिन यह इतना छोटा कर दिया गया है कि एंबुलेंस भी उसके नीचे से गुजर नहीं पा रही है। जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अगर कोई बड़ी घटना हो जाती है तो इस रास्ते से कोई एंबुलेंस निकलना मुश्किल हो जाएगा। इस रास्ते का उपयोग मोहम्मदपुर सैनिक ढाबा से फरिहां, फूलपुर, निजामाबाद, सरायमीर, निजामाबाद, तहबरपुर, कप्तानगंज, अहरौला आदि क्षेत्रों में आने जाने के लिए किया जाता है। लेकिन इस तरह का प्रतिबंध लगा दिए जाने से इधर जाने वाले बड़े और माल वाहकों को काफी परेशानी होगी। अब इधर से बड़े वाहनों का प्रवेश रोक दिए जाने से बड़े वाहन चालकों को दस किलो मीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ेगी। यहां पर बैरिकेडिंग किए जाने से स्कूली वाहनों के भी आने जाने में काफी परेशानी होगी। लोगों के मुताबिक यहां पर बैरिकेडिंग को थोड़ा ऊंचा कर देने से स्कूली वाहनों के आने जाने में आसानी होगी।
ज्ञात हो कि मोहम्मदपुर बाजार होते हुए जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर आदि जिलों की तरफ हमेशा छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं। ज्यादातर वाहन चालक टोल टैक्स देने से बचने के लिए इस मार्ग का उपयोग कर ले रहे थे। जिससे टोल टैक्स वालों को घाटा हो रहा था। जिसको देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
