दैनिक भारत न्यूज

जौनपुर।
गुरुवार को प्रधानमंत्री की हुंकार और धनञ्जय सिंह के समर्थन ने लोकसभा चुनाव में जौनपुर और मछली शहर में भाजपा को निर्णायक बढ़त दिला दी है। भाजपा की इस लगभग तय हो गयी जीत का आजमगढ़, लालगंज और प्रतापगढ़ पर भी सीधा असर पड़ने जा रहा है। पूर्वांचल में विधानसभा चुनाव के जिन नतीजों के बदलाव की भाजपा अपेक्षा कर रही थी, जौनपुर और मछलीशहर से उस काम के पूरा होने के आसार बन गए हैं। यह इस बात का भी सुनिश्चित संकेत है कि आगे, विकास की धारा में जौनपुर जिले की बहुत सुनिश्चित भूमिका होगी।
प्रधानमंत्री के हर वर्ग के बीच प्रतिबद्ध वोट हैं। इन वोटों की बड़ी संख्या है। लोकसभा चुनाव में ये वोट निर्णायक साबित होते हैं। लेकिन यह उनकी केवल एक खासियत है। उनकी दूसरी बड़ी खासियत है कि उन्होंने विपक्ष के तकरीबन हर वोट को असमंजस में डाल दिया है और अस्थिर कर दिया है। भारतीय समाज का एकीकरण हो, देश का हिन्दू-मुसलमान सभी समाज आगे बढ़े, समता और समानता आये, राष्ट्रीयता के भाव प्रबल हों, देश की सांस्कृतिक समुन्नति हो, और देश दुनिया में तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बने और पहले नंबर की ताकत; यह सपना किसे नहीं लुभाता। इसलिए सपा और बसपा दोनों का वोटर वर्ग बिखर गया है। मुस्लिम समाज के भीतर भी बहुत जबरदस्त कशमकश है। तीन तलाक से लेकर कॉमन सिविल कोड और पसमांदा मुसलमानों के हित संरक्षण तक, ऐसे अनेक मुद्दे हैं, जिन्होंने मुस्लिम समाज को घेरे बंद राजनीतिक सोच से अलग किया है। समाज का जागरूक तबका, खासकर शिक्षित लोग और महिलाएं अब बदलाव चाह रहे हैं। उन्हें उकसाने और बहकाने के दिन अब गए। स्थिति आज यह है कि बड़े से बड़े राजनीतिक विश्लेषक भी आज यह नहीं गिन सकते कि यादव समाज या मुस्लिम या दलित समाज का कितना हिस्सा सपा या बसपा की तरफ जायेगा, और कितना हिस्सा साथ और सहयोग की भावना के साथ भाजपा में जाकर जुड़ जाएगा।
प्रधानमंत्री के इन प्रयत्नों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक क्षमता, सोच-समझ और चारित्रिक दृढ़ता ने और आगे बढ़ा दिया है। यह गज़ब की जोड़ी बनी है। प्रधानमंत्री की जौनपुर की सभा में जो दो बच्चे मोदी और योगी बन कर आये, वे भविष्य में जो होने जा रहा है, उसका भी संकेत दे रहे थे। जौनपुर के चुनाव में गृहमंत्री अमित शाह का भी सीधा असर है, और भाजपा को उसका भी लाभ मिल रहा है। फिर, जिले में भाजपा का बहुत मज़बूत कैडर है, और सीमा द्विवेदी जैसे कई बड़ी कद -काठी के नेता हैं, उनका भी चुनाव पर सीधा असर पड़ रहा है। और, बाबा दूबे जैसे जिन नेताओं ने दूसरी पार्टियां छोड़ कर भाजपा ज्वाइन किया है, भाजपा के पक्ष में चुनाव पर उनका असर पड़ना भी लाजिमी है।
जौनपुर और मछली शहर में दूसरे फैक्टर धनञ्जय सिंह हैं। जिले में उनकी एक बड़ी सुनिश्चित उपस्थिति है। जौनपुर साहस और सम्मान के लिए जाना जाता रहा है, उनमें उस जौनपुर की एक झलक आकर खड़ी हो जाती है। उनकी छवि पूरे पूर्वांचल में फ़ैली है, और कोई अचरज नहीं, भविष्य में समाज और राजनीति दोनों में पूर्वांचल में उनकी बड़ी भूमिका हो। वे सामान्य से सामान्य लोगों से भी जिस अनन्यता से जुड़ गए हैं, उसकी सर्वत्र स्वीकृति है। उनकी बाहुबली की छवि टूटी है, और उनसे एक बड़े राजनीतिक किरदार की अपेक्षा की जा रही है।
जौनपुर और मछली शहर में तीसरा फैक्टर भाजपा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह स्वयं हैं। विनम्र और व्यवहार कुशल श्री सिंह ने महाराष्ट्र और देश की राजनीति में अपनी बड़ी पहचान बनाई, और मुंबई के हिन्दीभाषी समाज के विकास में हमेशा यथासंभव सहयोग दिया है। वे राजनीति , धर्म. अध्यात्म, कला, साहित्य, समाज- समाज के हर वर्ग से जुड़े हैं, और हर वर्ग को उन्नति के रास्ते पर ले जा सकते हैं। मुंबई के हिन्दीभाषी समाज के औद्योगीकरण में उनकी बड़ी भूमिका रही है। समाज के हर वर्ग के लोग, मुंबई से भी हज़ारों की संख्या में आकर यदि उनके चुनाव प्रचार में लगे हैं, तो इसे उनकी शख्सियत और खासियत का सीधा आईना कहा जा सकता है।

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