
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को देश भर में कुल 195 प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक कर दिया। इसमें समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ जिले की भी दोनों सीटें शामिल हैं।
शनिवार को भाजपा द्वारा आजमगढ़ सदर से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्रीज के जानेमाने अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ को और लालगंज सुरक्षित सीट से पूर्व सांसद नीलम सोनकर को प्रत्याशी बनाया गया है।
जैसे ही इस बात की जानकारी लोगों को हुई तो चर्चाओं का बाजार गरम हो गया। अब लोग अटकलें लगा रहे हैं कि सपा, बसपा, कांग्रेस आदि दलों के कौन से लड़ाके इनके समक्ष मैदान में कुदेंगे। चर्चा यह है कि जल्द ही सपा में शामिल हुए पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को और लालगंज से मौजूदा विधायक बेचई सरोज को मैदान में उतार सकती है। हालांकि शनिवार को भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बसपा सांसद भी चर्चाओं में आ गयी हैं कि अब वे कहां से और किस दल से लड़ेंगी। उधर इस बात की भी चर्चा तेज हो गयी है कि लालगंज क्षेत्र से साल 2014 में मोदी की प्रचंड लहर के बीच नीलम सोनकर लालगंज से चुनाव जीतीं थी।जबकि 2019 के चुनाव में हार गयीं थी। लेकिन अब नीलम लालगंज से दोबारा इतिहास रचने के लिए अब जी तोड़ मेहनत शुरु कर देंगी। जिस समय नीलम लालगंज से चुनीं गयीं थीं। उस समय जिलाध्यक्ष सहजानंद राय थे। उनकी गणित के चलते ही लालगंज का किला आसानी से फतेह हुआ था। अब नीलम दस साल बाद 2024 के चुनाव में आईं तो जिलाध्यक्ष के पद पर सहजानंद राय के सबसे भरोसेमंद सिपाही सूरज प्रकाश श्रीवास्तव हैं। सूरज के नेतृत्व में दोबारा मैदान मारने के लिए नीलम बेकरार दिख रही हैं।

