
दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो
आज़मगढ़।
मूर्धन्य और नामचीन साहित्यकार डॉ. कन्हैया सिंह का प्रयागराज में अपने पौत्र इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य के आवास पर, शुक्रवार को निधन हो गया। यह जानकारी उनके भतीजे डॉ. पंकज सिंह ने दी।
डाक्टर कन्हैया सिंह की उम्र लगभग 90 साल थी। वह काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। डाक्टर कन्हैया सिंह को अपनी रचनाओं और कृतियों के लिए देश और विदेश में विख्यात थे। इसकी वजह से उन्हे कयी बड़े पुरस्कार मिले थे। उन्हे पाठ तथा पाठालोचन के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित हुए थे। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष के साथ ही उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के भी वह अध्यक्ष रहे और विभिन्न संस्थाओं के भी सदस्य रहे। डीएवी पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के अध्यक्ष पद पर सेवानिवृत्त होने के पहले टीडी कॉलेज जौनपुर में अध्यापक होने के साथ ही भटवली डिग्री कॉलेज के प्राचार्य भी रहे। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में अपने आवास पर उनकी आत्मकथा काली मिट्टी पर पारे की रेखा का लोकार्पण किया था। इमरजेंसी के समय वह 19 महीने जेल में भी रहे और देश के बड़े नेताओं के संपर्क में भी रहे। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार तमसा नदी के तट पर स्थित राजघाट पर किया जाएगा।
