

रिपोर्टः अरुण कुमार यादव
आजमगढ़।
शहर में स्थित पतित पावनी तमसा नदी के किनारे स्थित राजघाट श्मशानघाट पर बुधवार से गरीबों और लावारिशों का मुफ्त में अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिला प्रशसन द्वारा घोषित इस आदेश की प्रतियां पूर श्मशानघाट पर जगह जगह चस्पा कर दिया गया है।
डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि राजघाट श्मशानघाट पर मुर्दा फूंकने वालों की जेबें ढीली करनी पड़ती थी। कुछ मनबढ़ किस्म के लोग लोगों से 1500 से 2000 हजार तक की वसुली करते थे। इस प्रकार की शिकायतें आए दिन डीएम, एसडीएम आदि से किया जाता था। डीएम के निर्देश पर बुधवार को एसडीएम सदर ज्ञानचंद गुप्ता, डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे अपने साथ फोर्स और जेसीबी लेकर राजघाट श्मशानघाट पर पहुंचे। वहां पर बनाए गये अवैध निर्माण को जेसीबी से ढहवा दिया। साथ ही पूरा श्मशानघाट पल्हनी ब्लाक के कोडर अजमतपुर के ग्राम प्रधान को सौंप दिया। अब यहां पर सामान्य तौर पर 200 रुपये साफ सफाई का और 250 रुपये डोम द्वारा दी जाने वाली अग्नि का देना पड़ेगा। इससे अतिरिक्त कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके अलावा गरीब और लावारिश मुर्दों का मुफ्त में अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
मुर्दों के मालिकों का वापस कराए गये रुपयेः
डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि बुधवार को जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। तो वहां पर मुर्दा जलाने के लिए तीन अलग अलग परिवार के तीन लोग आए थे। इन लोगों ने अंतिम संस्कार के लिए अधिक रुपये लिए जाने की शिकायत किए। इन तीनों लोगों का अधिक लिए गये रुपयों को वापस कराया गया। प्रशासन के इस प्रयास की सभी लोग सराहना कर रहे हैं।
