
राज्यपाल ने प्रदेश में कराये गए ऊर्जा और नगर विकास के कार्यों का अभिभाषण में किया उल्लेख
ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ने दोनों विभाग के कर्मचारियों और अधिकारीयों को दी शुभकामनाएं
दैनिक भारत न्यूज ब्यूरो
लखनऊ।
वर्ष 2024 के प्रथम और 18वीं विधानसभा के सातवें सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण में राज्यपाल ने योगी सरकार के कामकाज का ब्यौरा देते हुए कहा कि अयोध्या अपने त्रेतायुगीन वैभव के साथ नगरीय विकास और संपन्नता के मॉडल के रूप में नवीन मानक गढ़ रही है। देश के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं ने नव्य-भव्य और दिव्य अयोध्या धाम में हुए विकास और सौंदर्य की खूब सराहना की है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने राज्यपाल महोदया का अपने अभिभाषण में अयोध्या धाम में हुए नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के कार्यों का उल्लेख करने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही दोनों विभाग के कर्मचारियों और अधिकारीयों को शुभकामनाएं दी हैं।
बजट सत्र में राज्यपाल ने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए राममंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से भारत के इतिहास में वर्ष 2024 अविस्मरणीय स्मृति के रूप में दर्ज हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के रूप में राष्ट्र मन्दिर की स्थापना भारत के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा है। अयोध्या धाम को नव्य-भव्य और दिव्य बनाने के लिए नगरीय विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में बहुत कार्य किये गए हैं। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की दृष्टिगत पहुंच मार्गो रामपथ, भक्ति पथ, जन्मभूमि पथ, मल्टी लेवल पार्किंग तथा अन्य अवस्थापना एवं जन सुविधाओं का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है।
राजयपाल ने अपने अभिभाषण में ऊर्जा विभाग द्वारा किये गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में माह अप्रैल से दिसम्बर, 2023 तक ग्रामीण क्षेत्र में 18 घण्टे 09 मिनट, तहसील क्षेत्र में 21 घण्टे 34 मिनट तथा शहरी क्षेत्र में 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति की गई। वर्ष 2012-17 में निर्गत लगभग 08 लाख विद्युत संयोजनों के सापेक्ष वर्ष 2017 से अब तक लगभग 20 गुना, 165 लाख विद्युत संयोजन निर्गत किये गये हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 से अद्यतन कुल 740 नये 33/11 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र ऊर्जीकृत किये गये एवं 01 हजार 589 विद्युत उपकेन्द्रों की क्षमता वृद्धि की गयी है। वहीं वर्ष 2017 से अद्यतन लगभग 03 लाख 53 हजार निजी नलकूप संयोजन भी निर्गत किये गये।
वहीं, प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत परियोजनाओं में पिछले लगभग 07 वर्षों में 10 गुने की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश में वर्ष 2017 तक कुल स्थापित 288 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं थी, जो वर्तमान में लगभग 26 सौ मेगावॉट हो गयी हैं। सोलर रूफटॉप संयंत्रों की क्षमता में पिछले लगभग 07 वर्षों में साढ़े 04 गुने से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 तक मात्र 71 मेगावॉट क्षमता के सोलर रूफटॉप संयत्र स्थापित थे। वर्तमान में 328 मेगावॉट सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित हैं।
साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या एवं वाराणसी को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। अयोध्या में 40 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें अभी तक 10 मेगावाट क्षमता का संयंत्र संचालित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त अयोध्या में 10 किलोमीटर लंबे मार्ग को सोलर स्मार्ट स्ट्रीट लाइट द्वारा प्रकाशित किया गया है जो एक विश्व रिकॉर्ड है।
