
शिक्षक नेताओं ने डीआईओएस और लिपिक पर लगाया आरोप
प्रदेश सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार भले ही पूरी तरह से नकल पर रोक लगाने का हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक विभागिय अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जिम्मेदार नहीं होंगे, तब तक सरकार का यह प्रयास व्यर्थ साबित होगा।
कुछ इसी तरह का मामला बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बनाए गये परीक्षा केंद्रों में धांधली उजागर हुई है। इस तरह का आरोप शिक्षक नेता रामजन्म सिंह द्वारा लगाया गया है। उन्होने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग किए हैं। शिक्षक नेता रामजन्म सिंह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के संरक्षक हैं। संघ के मुकेरीगंज स्थित जिला कार्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डीआईओएस और उनके कार्यालय में तैनात एक लिपिक की मिली भगत से परीक्षा केंद्र बनाने में काफी धांधली की गयी है। भारी मात्रा में रुपयों का लेनदेन किया गया है। उधर डीआईओएस कार्यालय के जरिए श्री कृष्ण गीता राष्ट्रीय इंटर कालेज लालगंज को डिवार घोषित कर दिया गया है। जबकि परीक्षा में सख्ती के लिए इस विद्यालय की एक अलग पहचान है। इस निर्णय से लालगंज इंटर कालेज के शिक्षकों सहित क्षेत्र के संभ्रांत लोगों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है। उधर जिस बैठक में शिक्षक नेता रामजन्म सिंह द्वारा परीक्षा केंद्रों में धांधली के मामले की सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गयी है। शिक्षक नेता ने अन्य भी कयी गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बैठक की अध्यक्षता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नामवर सिंह और संचालन जिला मंत्री पंकज सिंह ने किया। इस अवसर पर शेर बहादुर सिंह यादव, जामवंत निषाद, श्यामनारायण सिंह, अबरार अहमद, राधेश्याम राजभर, अतुल सिंह आदि शिक्षक नेतागण मौजूद रहे।
