रिपोर्टः विधि संवाददाता

आजमगढ़।
किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को साढ़े तीन वर्ष के कारावास तथा साढ़े चार हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट राम नारायन ने शुक्रवार को सुनाया। अभियोजन कहानी के अनुसार फूलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 28 जुलाई 2015 की शाम लगभग सात बजे 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी अपने घर में खाना बना रही थी। तभी उसे अकेली जानकर गांव का मोहित पुत्र उमाशंकर के घर में घुस गया तथा पीड़िता के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। पीड़िता के चिल्लाने पर उसकी छोटी बहन तथा अन्य लोग आ गए। तब मोहित भाग गया। पीड़िता के पिता रात को जब घर लौटे तब पीड़िता ने उन्हें पूरी बात बताई। पीड़िता के पिता के तहरीर पर फूलपुर कोतवाली में मोहित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक दौलत राम यादव तथा अवधेश कुमार मिश्रा ने पीड़िता समेत कुल पांच गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मोहित को साढ़े वर्ष के कारावास तथा साढ़े चार हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई।

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