
महानगरी एक्सप्रेस ट्रेन के विषय में वाराणसी स्टेशन पर नहीं थी कोई सटीक जानकारी
ट्रेन की सटीक जानकारी न मिलने की वजह से परिवार के साथ हलाकान रहे सैकड़ो लोग
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
रेल मंत्री भले ही रेलवे की व्यवस्थाओं में नित नये सुधार के प्रयास में जुटे हुए हैं, लेकिन बुधवार को वाराणसी स्टेशन पर एक ट्रेन के विषय में सही और सटीक जानकारी न मिल पाने के बाद विभाग की सारी व्यवस्थाएं फ्लाप नजर आईं।
विश्व की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी काशी मानी जाती है। इसी क्षेत्र से सांसद चुनकर नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं। वाराणसी का सांसद बनने के बाद मोदी ने वाराणसी की व्यवस्थाओं में काफी सुधार करवा दिया। सभी तरह की व्यवस्था में परिवर्तन साफ साफ दिख भी रहा है। लेकिन बुधवार को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर प्रसिद्ध महानगरी एक्सप्रेस ट्रेन के विषय में रेलवे स्टेशन से सही जानकारी न मिलने से सारे प्रयास व्यर्थ नजर आए।
आर्थिक राजधानी मुंबई को जाती है ट्रेनः
देश की आर्थिक राजधानी और फिल्मी दुनिया के लिए मशहूर मुंबई महानगर के लिए स्पेशल ट्रेन महानगरी चलती है। यह ट्रेन काफी पुरानी और प्रसिद्ध भी है। अभिताभ बच्चन की सुपरडुपर हीट फिल्म कुली में भी इस ट्रेन का खास जिक्र है। यह ट्रेन प्रतिदिन वाराणसी स्टेशन से सुबह 10.10 बजे के आसपास प्रस्थान और भोर में चार बजे के आसपास वाराणसी आगमन होता है।
पर्व मनाने के लिए घर आए सैकड़ो लोग बुधवार को परिवार के साथ मुंबई जाने के लिए वाराणसी स्टेशन पर पहुंच गये। स्टेशन पहुंचने पर पता चला कि यह ट्रेन शाम साढ़े तीन बजे जाएगी। सुबह ही स्टेशन पहुंचे लोग स्टेशन पर रुककर ट्रेन का इंतजार करने लगे। साढ़े तीन बजे के बाद पता चला कि साढ़े छह बजे मुंबई जाने के लिए प्लेटफार्म पर आएगी। साढ़े छह बजे के बाद कोई समय ही नहीं बता पा रहा था। स्टेशन के पूछताछ केंद्र से ट्रेन भोर में जाने की जानकारी दी जा रही थी। जबकि रेलवे विभाग की स्पेशल हेल्पलाइन 139 पर महानगरी ट्रेन की कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इस दौरान ट्रेन से यात्रा करने वाले और उनको पहुंचाने वाले सभी लोगों का हाल बेहाल था। इस तरह की परेशानी से रेलवे की व्यवस्था बेपटरी दिखी।
पार्किंग का देना पड़ा तीन गुना दामः
परिवार को छोड़ने के लिए स्टेशन आए लोग अपने वाहन पार्किंग में खड़ा कर दिए। वहां वाहन पार्किंग का 60 रुपये प्रति घंटा लिया जा रहा है। बुधवार को महानगरी ट्रेन पकड़ाने के लिए आए लोगों को ट्रेन देर से मिलने की वजह से तीन से चार गुना भाड़ा देना पड़ा।
स्टेशन पर ही खत्म हो गये भोजनः
बुधवार को महानगरी एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा करने वाले लोग अपने और परिवार के लिए जो भोजन लिए थे। वह स्टेशन पर ही ट्रेन के इंतजार में खत्म हो गये। ऐसे में बड़ों का तो किसी तरह से कट गया, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई।
