फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन देवेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को सुनाया फैसला

मकान बनवाने के लिए लिया था चार लाख रुपये का उधार

रिपोर्टः एड. प्रदीप सिंह

आजमगढ़।

चेक बाउंस के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को एक वर्ष के कारावास तथा छ लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की यह राशि परिवादी को दी जाएगी। फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन देवेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी राममिलन गुप्ता निवासी मिल्कीपुर थाना पवई घर बनवा रहे थे। घर बनवाने में राम मिलन को रुपए की जरूरत आ पड़ी।तब राम मिलन ने विश्वनाथ पांडेय निवासी भरचकिया थाना पवई से उधार में रुपए की मांग की। विश्वनाथ पांडेय विश्वास करके राममिलन को चार लाख रुपए दे दिया। जब विश्वनाथ पांडेय ने राममिलन से अपने उधार रुपयों की मांग की। तब दिसंबर 2020 में राम मिलन ने चार लाख रुपए का चेक विश्वनाथ पांडेय को दिया।राममिलन के उक्त चेक को जब विश्वनाथ पांडेय ने बैंक में जमा किया। तब बैंक ने बताया कि राममिलन के खाते में चेक में भरी गई राशि उपलब्ध नहीं है। विश्वनाथ पांडेय ने राममिलन को इस संबंध में कई बार आग्रह किया कि वह उनके रुपए वापस कर दें, लेकिन राममिलन ने कोई जवाब नहीं दिया। तब पीड़ित विश्वनाथ पांडेय ने कोर्ट की शरण ली। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राममिलन गुप्ता को चेक बाउंस का दोषी पाते हुए एक वर्ष के कारावास तथा छह लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माने के छह लाख रुपए को पीड़ित विश्वनाथ पांडेय को दिए जाने का निर्देश दिया।

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