
प्रदेश के अलग अलग जिले के बेरोजगारों को बनाता था शिकार
वाहन पर मजिस्ट्रेट लिखकर चलता था तो पुलिसवाले ठोंकते थे सलाम
आशीष तिवारी
आजमगढ़।
लखनऊ सचिवालय से हटाया गया संविदाकर्मचारी फर्जी मजिस्ट्रेट बनकर बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर ठगने वाले जालसाज को सिधारी थाने की पुलिस गिरफ्तार कर ली। आरोपी के पास से कयी फर्जी कागजात और मजिस्ट्रेट लिखा बोर्ड आदि बरामद हुए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी का चालान कर जेल भेजवा दी। साथ ही इस बात का पता लगाने में जुटी हुई है कि और किन किन लोगों को इसने ठगी का शिकार बनाया है।
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी जियाउल इस्लाम सिद्दीकी पुत्र स्व. शकील अहमद सिद्दीकी है। वह सीतापुर जिले के ढखेरा थाना क्षेत्र के लहरपुर गांव का निवासी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया की 14 अक्टूबर को सिधारी थाने के पठान टोली मुहल्ला निवासी काशिफ पुत्र असलम ने तहरीर दिया। जिसमें शिकायत किया गया था कि जियाउल सिद्धीकी इस्लाम उसे नौकरी दिलाने के नाम पर छल, कपट व धोखा धड़ी करके कुल 14 लाख रूपये ले लिया। एसपी ने बताया कि पुलिस केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू करते हुए सोमवार को सिधारी हाइडिल के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर ली। तलाशी के दौरान उसके पास से 95000 हजार रूपये नगद, 2 परिचय पत्र सचिवालय उत्तर प्रदेश शासन, 1 आधार कार्ड कूट रचित, एक कर, 3 कूट रचित मजिस्ट्रेट लिखा नम्बर प्लेट, 3 मोबाईल बरामद हुई।
पूछताछ के दौरान उगला राजः
एसपी ने बताया की पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया की वह वर्ष 2001 में संविदा पर सचिवालय लखनऊ में नौकरी करता था। वर्ष 2015 में छटनी कर निकाल दिया गया। जिसका लाभ उठाकर फर्जी परिचय पत्र मजिस्ट्रेट के नाम से लखनऊ सचिवालय से बनवाकर तथा गाड़ी में मजिस्ट्रेट का फर्जी बोर्ड लगाकर चलता था। और नौकरी आदि दिलाने के नाम पर इसी परिचय पत्र को दिखाकर लोगों से पैसा ऐंठता था।

