
दैनिक भारत न्यूज
आजमगढ़।
जिन बच्चों के हाथ कलम की स्याही से रंगीन होने चाहिए। उनके हाथ दूकानों के जूठे प्लेट या गिलास उठाकर गंदे हो रहे थे। शनिवार को श्रम विभाग और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम योजना बनाकर कार्रवाई करते हुए आठ बड़े प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर 20 बाल मजदूरों को मुक्त कराया। विभाग की तरफ से अब इन बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। उधर विभाग के इस कार्रवाई से उन प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा है, जिनके यहां बाल मजदूर काम कर रहे हैं।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी शशि कांत पान्डेय ने बताया कि शनिवार को संयुक्त टीम द्वारा शहर के शारदा चौक, ब्रम्हस्थान, पान्डेय बाजार, बनकट, अंजान शहीद, सगड़ी और जीयनपुर में श्रम प्रवर्तन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, विशाल श्रीवास्तव, एएचटीयू से उपनिरीक्षक राकेश तिवारी, उपनिरीक्षक राम निवास, महिला आरक्षी सरिता पान्डेय और आरक्षी आशीष प्रताप सिंह के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। जिसमें आठ प्रतिष्ठानों से 20 बाल श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया और सेवायोजकों को बाल श्रम अधिनियम का उल्लंघन किए जाने के कारण निरीक्षण कर टिप्पणी निर्गत किया गया।
