दैनिक भारत न्यूज

आजमगढ़।
साइबर क्राइम रानी की सराय थाने की पुलिस पीएम किसान योजना में लिंक के माध्यम से 110 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 15 सदस्यों को गिरफ्तार की है। इनकी गिरफ्तारी लखनऊ के अलग अलग होटलों में छापेमारी करके की गयी है। पुलिस इनके पास से 23 मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 15 सिम और दो कार बरामद किया है। एनड्राएड पैकेट किट (एपीके) लिंक के माध्यम से ग्राहकों के साथ ठगी करते थे।
गिरोह में शामिल सदस्यों द्वारा इंटरनेट मीडिया के इंस्टाग्राम एकाउंट पर ‘एकाउंटवाला 9334’ बनाकर लोगों के खाते एटीएम, मोबाइल सिम देने वाले को मोटा कमिशन देने का झांसा देकर उनके खाते का इस्तेमाल करते थे। इस गैंग के तकनीकी सदस्य एपीके (एनड्रायड पैकेजिंग किट) फाइल आम धारकों के वाट्सएप पर भेजते थे। जो इनके लिंक को टच करता था, उसका फोन हैक हो जाता था। जिसका फायदा उठाते हुए गिरोह के सदस्य संबंधित का बैंक खाता प्राप्त करके खाते में रुपये

मंगाकर निकाल लेते थे। कारपोरेशन या करेंट खातों के जरिए ठगी करने में इन्हें काफी आसानी होती थी। पुलिस द्वारा पकड़े गए मोबाइलों की प्रारंभिक जांच में 121 बैंक खातों से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त हुई। जिसमें कुल 31 बैंक खातों 186 एनसीआरपी (नैनीताल रूद्रपुर व आंध्रप्रदेश) में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस बरामद हुई मोबाइलों का रिकार्ड खंगालते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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इस प्रकार से फंसाते थे ग्राहक
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान पता चला कि इस गिरोह के सदस्य एपीके (एनड्रायड पैकेजिंग किट) फाइल बनाकर लोगों के वाट्सएप पर मैसेज भेजते थे। जैसे किसी को शादी कराने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, स्कूल, कालेजों में आसानी से दाखिला दिलाने, लाटरी लगने जैसे प्रलोभन का मैसेज भेजते थे। एक बार जो भी इनके भेजे गए मैसेज पर क्लिक करता था। उसकी पूरी मोबाइल हैक होता था। मोबाइल के जरिए ठग संबंधित के खातों का पूरा विवरण लेकर पैसा दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। साथ ही उस खाते का इस्तेमाल ठगी करने में करते थे।

कारपोरेट खाता होती थी पहली पसंद

साइबर क्राइन थाने की पुलिस द्वारा पकड़े गए साइबर ठगों की पहली पसंद कारपोरेट खाता होता था। किसी कंपनी के नाम पर खुले खातों में रुपये डालने और निकालने की कोई लिमिट नहीं होती है। जिसका फायदा उठाते हुए यह लोग ठगी के जरिए प्राप्त होने वाले कारपोरेट खातों में बड़ी रकम भेजकर एक साथ निकाल लेते थे।

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इनकी हुई गिरफ्तारी:
एसपी ट्रैफिक के मुताबिक पुलिस रामपुर जिले के शहजाद नगर थाने के भंडपुरा गांव निवासी इमरान अली उर्फ समद, कानपुर जिले के नौबस्ता थाने के वर्ल्ड बैंक बर्रा निवासी आदेश सिंह, सोनभद्र जिले के ओबरा थाने के चोपन रोड निवासी अमन प्रताप निषाद, इसी थाने के सेक्टर 9 निवासी विनायक मालवीय, इसी थाने के 4 एफ टी 24 सेक्टर 4 ओबरा निवासी अर्जुन सिंह, गाजीपुर जिल के बक्सर थाने के अमित सिंह, शाहजहांपुर जिले के निगोही थाने के पकड़िया गांव निवासी अतुल सिंह चौहान, चंदौली जिले के आर आर मेमोरियल हास्पिटल के पीछे , आलू मिल निवासी अतुल आनंद सिंह, मुगलसराय थाने के शास्त्री कालोनी निवासी पंकज पांडेय, गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज थाने के रिगौली निवासी अभिनव उर्फ मोनू चौरसिया, गाजीपुर जिले के रेवतीपुर थाने के उतरौली गांव निवासी चंद्रभूषण सिंह, झारखंड प्रदेश के गिरीडीह जिले के बेंगा बांध थाना के वेलोनारी गांव निवासी सुल्तान अंसारी, दिल्ली अलीपुर जिले के स्वरूप नगर थाने के स्वरूपनगर स्ट्रीट नं0- 16, हा0नं0 463 निवासी अंकित कुमार, छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के माधापारा थाने के बैजनाथपारा नूरजहां गांव निवासी सरफराज और बिहार के कैमूर भभूआ जिले के अधौरा थाने के जमुनीनार गांव निवासी ब्रिजेश कुमार का नाम शामिल है।

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इस प्रकार से मिली पुलिस को सफलता:
खुलासा करते हुए एसपी ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी ने बताया कि साइबर थाने में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान 30 नवंबर को दो आरोपी परवेज अंसारी और मो. कलीम की गिरफ्तारी हुई थी। इनसे हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि गिरोह का सरगना समद उर्फ इमरान है। जो गैंग के सदस्यों के साथ लखनऊ में रह रहा है। वे सभी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले हैं। सूचना के आधार पर साइबर क्राइम थाना प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ रविवार की रात लखनऊ के हुसड़िया चौराहे से इमरान उर्फ समद और अर्जुन सिंह को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों की निशानदेही पर लखनऊ के जीएमसी होटल व Precious पीएमबी होटल में छापेमारी करके 13 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनका रैकेट देश भर के अलग-अलग शहरों में फैला हुआ है।

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